कभी केजरीवाल के खासम खास रहे राज्य सभा एमपी राघव चढ्ढा और 6 अन्य आम आदमी पार्टी एमपी बीजेपी में शामिल हुए।
क्या कारण रहा, क्या पार्टी द्वारा चढ्ढा को डिप्टी लीडर पद से हटाया जाना रहा या की यह बीजेपी और मोदी के प्रति उनकी निष्ठा है? क्या पार्टी द्वारा उन्हे डिप्टी लीडर पद से हटाया जाना कही उनके बढ़ते असंतोष से ही तो प्रेरित तो नहीं था।
बात चाहे कुछ भी हो मगर पॉलिटिकल गलियारों में तो यह बात गूंजती सुनाई देती प्रतीत होती है की चढ्ढा का यह निर्णय आम आदमी के धूमिल होते भविष्य और बीजेपी के शानदार और निश्चित भविष्य से प्रेरित लगता है।
कौन है जो एक धूमिल होती पार्टी में अपना भविष्य खोजेगा? कोई नही शायद।
